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प्रयोजनवाद pragmatism notes in hindi for ugc net



प्रयोजनवाद(Pragmatism)
भौतिकवाद
कारणवाद
फलवाद
अनुभववाद
उपयोगितावाद

शाब्दिक उत्पत्ति
Pragmatism = Pragmatikas
Pragma = किया हुआ कार्य
Pramatkos = व्यावहारिक

प्रवर्तक चार्ल्स सेन्डर्स पिपर्स
विलियम जेम्स
जान डीवी
किलपैट्रिक

शिक्षा त्रिध्रुवीय प्रक्रिया है। जान डीवी
शिक्षा शिक्षार्थी पाठयक्रम
यह अमेरिकन दर्शन है
सबसे अधिक योगदान जान डीवी ने दिया ।
यह तत्व मीमांसा के बारे मे विचार नही करता।
परिवर्तन को शाश्वत सत्य मानता है।
शिक्षण विधियों में अनुभव तथा क्रिया विधि पर बल
सभी वस्तुएं परिवर्तनशील हैं।
किसी सत्य को उस समय तक सत्य नही माना जा सकता जब तक उसकी परीक्षा न हो जाये।
सामाजिक अनुशासन तथा सामाजिक विषयों पर बल
मूल्यों के रूप में सामाजिक कुशलता

व्यवहारिकवाद के रूप
प्रयोगवादी = सत्य वही है जिसे सिद्ध किया जा सके।
जीवविज्ञानवाद = वातावरण् से अनुकूलन मानव का लक्ष्य
मानवतावादी = वही चीजें सत्य जो मानव जीवन को सन्तुष्ट कर सकें।

तत्व मीमांसा
सत्य अस्थायी एवं परिवर्तनशील
सत्य पूर्व सिद्धान्तों के आधार पर स्वीकार नही।
वास्तविक पूर्ण और पूर्व निर्मित नही है।
वास्तविकता का निर्माण हो रहा है।
अनुभव का संसार ही सत्य है।
मानव क्रियाओं पर बल।
परमात्मा पर विश्वास नही।
संसार अपूर्ण और अनियन्त्रित है।

ज्ञान मीमांसा
कर्मेन्द्रियां ज्ञान के आधार हैं।
मस्तिष्क और बुद्धि ज्ञान के नियन्त्रक हैं।
ज्ञान ही अनुभव और अनुभव ही ज्ञान है।
ज्ञान मानव के सुख का साधन है।
सत्य परिवर्तनशील है।
ज्ञान का उददेश्य सूचनाओं का संकलन न होकर उसका सतत अभ्यास करना है।
अनुभव की पुनर्रचना।

मूल्य मीमांसा
जो मूल्य मनुष्य के लिये उपयोगी हैं वही सत्य हैं।
आंखे मूदकर अनुसरण नही ।
मूल्य समय स्थन आदर्श के अनुसार परिवर्ति ।

मुख्य सिद्धान्त
क्रिया प्रधानता
सत्य परिवर्तनशील है।
उपयोगिता के सिद्धान्त पर वल
परम्परा तथा प्रथाओं का विरोध
सामाजिक जीवन पर बल
प्रयोजनवाद और शिक्षा
शिक्षा स्वयं जीवन है।
शिक्षा एक लोकतान्त्रिक क्रिया
शिक्षा सामाजिक जीवन का आधार
शिक्षा अनुभवों का पुनर्निमाण करने की क्रिया

शिक्षा के उददेश्य

शिक्षा के उददेश्य नही होते उददेश्य केवल व्यक्तियों के होते हैं।जान डीवी
अनुभवों का पुनर्निमाण करना
नये मूल्य एवं आदर्शों का निर्माण
भोतिक आनन्द की प्राप्ति
लोकतन्त्र की शिक्षा पर बल।
जनतान्त्रिक आदर्शों का विकास ।
प्रयोजनवाद और पाठ्यक्रम
पाठ्यक्रम निर्माण के सिद्धान्त
क्रिया का सिद्धान्त
अनुभव का सिद्धान्त
रूचि का सिद्धान्त
सामाजिकता का सिद्धान्त
एकीकरण का सिद्धान्त
विविधता का सिद्धान्त
उपयोगिता का सिद्धान्त

प्रयोजनवाद और शिक्षक
बाल मनोविज्ञान का ज्ञाता हो।
समाज में विश्वास करने वाला हो।
वैज्ञानिक अभिव्यक्ति वाला हो।
(Friend , Philosopher, Guide)

प्रयोजनवाद और छात्र
समाज का क्रियाशील सदस्य।
प्रयोजनवाद और विदधालय
विदालय समाज का लघु रूप है।
विदालय समाज की प्रयोगशाला है।
विदालय समुदाय का केन्द्र है।

शिक्षण विधियां
प्रयोगात्मक विधि अनुभव पर आधारित
करने सीखने की विधि
प्रयास और त्रुटि विधि
सहसम्बन्ध विधि


आगमन निगमन विधि
सम्स्या समाधान विधि
योजना विधि (Project method)

अनुशासन
सामाजिक अनुशासन
स्व अनुशासन
विदालय समाज का लधु रूप

जान डीवी Books
1 The school and society
The school and child
Education today
Freedom and culture
Reconstruction philosophy
School of tomorrow
Democracy and education
How we think
Moral principal of education
The child and the curriculum,
व्यावहारिकवाद को आदर्शवाद और प्रकृतिवाद का मध्य मार्ग कहा गया है। रास

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