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महात्मा गांधी



महात्मा गांधी
सर्वोदय दर्शन
प्रयोजनवादी कार्य विधि
आदर्शवादी शिक्षा के उददेश्य
प्रकृतिवादी करके सीखना वातावरण से अनुकूलन
मानवतावादी

3r Reading Writing Arithmetic
3h Hand Heart Head की शिक्षा

बेसिक शिक्षा का प्रतिपादन किया।
7 से 14 बर्ष तक के बच्चों के लिए।
जन शिक्षा पर बल
स्त्री शिक्षा पर बल
स्त्री व पुरूष की समान शिक्षा
धार्मिक व नैतिक शिक्षा पर बल
व्यावसायिक शिक्षा पर बल

तत्व मीमांसा
गीता के अनन्य भक्त थे
गीता के अनुसार पुरूष ईश्वर और प्रकृति पदार्थ दो मूल तत्व हैं।
आत्मा परमात्मा का अंश है। मनुष्य शरीर मन व आत्मा के योग से बना है।
ईश्वर नित्य है अत: सत्य
पदार्थ अनित्य है अत: असत्य
जीवन का उददेश्य ज्ञान अथवा मोक्ष है।

मूल्य मीमांसा
गीता के अनुसार निष्काम कर्म योग में विश्वास
नैतिक चरित्र को महत्व
श्रम नैतिकता व चरित्र के दवारा भौतिक सुख समृद्धि
इसके लिए 11 उपाय
सत्य
अहिंसा
ब्रहमचर्य
अस्वाद
अस्तेय
अपरिग्रह
अभय
अस्पर्शता
सर्वधर्म समभाव
विनम्रता
कायिक श्रम

अफ्रीका में Tolstoy farm की स्थापना की

शिक्षा के उददेश्य
शारीरिक सामाजिक नैतिक सांसकृतिक बौद्धिक व्यावसायिक आध्यात्मिक विकास पर बल।
जीवीकोपार्जन पर बल

पाठयचर्या
क्रियाप्रधान
मात्रभाषा को प्रमुख स्थान
हस्त कौशल और उदध्योग को प्रमुख स्थान
कताई बुनाई कृषि मिटटी का कार्य
मछली पालन
गणित सामाजिक विज्ञान
इतिहास भूगोल बागवानी
Books -My experiments with truth
Magazine- Young India
नैतिक शिक्षा समाज सेवा सामाजिक कार्य

शिक्षण विधियां
मोखिक विधि
क्रिया विधि
सहसम्ब्रनध् विधि
अनुकरण विधि
श्रवण मनन निधिध्यासनन्

अनुशासन
स्व अनुशासन के पक्षधर
प्रभावात्मक विधि दवारा अनुशासन

शिक्षक
आदर्श व्यक्ति अनुशासित व सेयमी
शिक्षार्थी जिगयासु व संयमी अनुशासित

विदालय
इसमें उत्पादन कार्य हो समुदाय के लोगों को पढने और कार्य करने की सुविधा होनी चाहिए।

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शिक्षा के सामाजिक आधार शिक्षा तथा समाज मे अटूट सम्बन्ध है। जैसा समाज होगा वैसी ही वहां की शिक्षा व्यवस्था होगी। आधूनिक समाज विज्ञान पर विशेष बल आदर्शवादी समाज आध्यात्मिक विकास पर बल भौतिकवादी समाज भौतिक सम्पन्नता पर बल प्रयोजनवादी समाज क्रिया एवं व्यवहार पर बल जन्तन्त्रवादी समाज लोकतान्त्रिक आदर्शो पर आधारित शिक्षा एक सामाजिक प्रक्रिया है। समाज सामाजिक सम्बन्धों का जाल होता है। शिक्षा का समाज पर प्रभाव सामाजिक विरासत का संरक्षण सामाजिक भावना को जाग्रत करना समाज का राजनैतिक विकास समाज का आर्थिक विकास सामाजिक नियन्त्रण् सामाजिक परिवर्तनों को बढ़ावा सामाजिक सुधार बालक का सामाजीकरण समाज का शिक्षा पर प्रभाव शिक्षा के स्वरूप का निर्धारण शिक्षा के उददेश्य का निर्धारण शिक्षा की पाठयचर्या का निर्धारण शिक्षण विधियों का निर्धारण विद्यालय के स्वरूप का निर्धारण प्रबन्धन के तरीकों का निर्धारण शैक्षिक समाजशास्त्र की प्रकृति शैक्षिक समाजशास्त्र शैक्षिक समस्याओं के लिए समाजशास्त्र का प्रयोग है। यह शिक्षाशास्त्री...

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अनुसंधान अनुसंधान एक ऐसी व्यवस्था है जिसके द्वारा नवीन तथ्यों की खोज की जाती है। तथा प्राचीन तथ्यों की पुन: व्याख्या की जाती है। - पी वी यंग नवीन ज्ञान की प्रप्ति के व्यवस्थित प्रयास को अनुसंधान कहते हैं। - रैडमैन तथा मोरी मौलिक अनुसंधान( Fundamental research) इस प्रकार के अनुसंधान में शिक्षा समबन्धी आधारभूत सिद्धान्तों नियमों तथा तथ्यों की खोज की जाती है। विशेषताएं व्यवस्थित अनुसंधान एवं विशेषज्ञों का क्षेत्र प्राचीन अधिगम शिक्षण सिद्धान्तो की नवीनतम विवेचना Applied research अनुप्रयुक्त अनुसंधान इसका सम्बन्ध व्यवहारिक समस्याओं के वर्तमानकालिक समाधान से होता है। मौलिक अनुसंधान के माध्यम से खोजे गये सिद्धान्तों व नियमों की विवेचना वर्तमान संदर्भ में किसी क्षेत्र व समस्या को केन्द्र मानकर की जाती है। इसमें वास्तविक परिस्थितियों मे नियमों की सार्थकता व उपयुक्तता का अध्ययन किया जाता है। विशेषताएं नियमों व सिद्धान्तों की दैनिक कार्य क्षेत्र की सम्स्याओं का समाधान। वर्तमान हेतू नीति निर्धारण प्रक्रिया मौलिक अनुसंधान पर आधारित। Action rese...